सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

नहीं मिटेगी मृगतृष्णा कस्तूरी मन के अन्दर है

जिन राहों पे चले थे, मिलकर के हम कभी ,

"गुप्तरत्न " "भावनाओं के समंदर मैं " Guptratn bhaownaon ke samndar mein जिन राहों पे चले थे, मिलकर के हम कभी , वो रास्ते है कह रहे है, आ जाओं फिर अभी , पानी है वही, और वहीं दरिया का किनारा सब कुछ है वैसा ही बस तुम हो यहाँ नहीं

हाल ही की पोस्ट

#main sochti hi rahti hun #block rakhte hai #likh to tum bhi sakte ho... #TUMHARA PARYAYWACHI NAHI MILA #mere gale nhi utrta #guptratn_shayri

#kahani ka aakhri adhyaay

सबसे ज्यादा पढ़ें गए

मत पूछों मुझे क्या क्या रोकता है , #guptratn kya kya rokta hai

sharab kya hoti hai ,kitne rang aate jaate hai

reel viral ho gaye, ek muddat lagi tere dil tak

#Shayri guptratn

#guptratn फिर आशिक़ सुबह और शाम नहीं देखते,

#swal karun bhi to kaise tujhse