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"गुप्तरत्न" "भावनायों के समन्दर मैं" लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

#गुप्तरत्न :तुझ पर असर करे मेरी तड़प में वो आह नहीं ,

#गुप्तरत्न कैसे लिखे सरेआम ख्याल अपने .......इरादा भटकने का तेरी गलियों में और

गुप्तरत्न : क्यूं न गुरूर तेरा जल सका ,॥मेरी चाहतों में क्य...

गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "हलके लफ़्ज़ों ...

ग़ज़ल "गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ : gupt ratn hindi kavityanतेरा   कांधा  , गर यूँ ही...

"गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ : अचानक पन्ने  पलटे  ,की कुछ ख्याल आ गयाकितने आगे आ...

ग़ज़ल "गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ : मझधार मेरी ज़िन्दगी है ,अबकी किनारे अच्छे नहीं लगत...