संदेश

guptratn लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

#पिता_जीवन का आधार

गुप्तरत्न :लफ़्ज़ों में आग रखते है

#इस दिल-ए-बस्ती में ,मेरे और भी कर्ज़दार बैठे है , Guptratnअच्छे-अच्छे #सिकंदर यहाँ वक़्त की लिए मार बैठे है॥

डर लगता है

गुप्तरत्न : मुझे दोस्ती से डर लगता है,मुझे मुहब्बत से डर लगता ...

गुप्तरत्न "भावनायों के समन्दर मैं "

गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "हलके लफ़्ज़ों ...

"गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं " आईने से गुफ्तगू जारी रख

न जाने जहाँ कोई हमें,साथ तेरे ऐसी ही जगह जाना हैll

दिल न सह पायेगा -गुप्तरत्न

गुप्तरत्न ज़नाब याद रखो, उन किस्सों मैं आप ही जगह ख़ास रखते है ll,

"गुप्तरत्न " : आप चाहो तो जीत सकते है हम, भी  ये बाज़ी आपको दिल ह...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": तू ही बता खुद को समझाएं कैसे lये तड़प दिल की,तुम...