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गुप्त रत्न "ख़ामोशी की गहराई मैं " लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुप्तरत्न :वो तेरा ख्याल की जी न सकेगी बिन तेरे "रत्न "

हर शख्स हैरान परेशान सा है यहाँ पर ,किसको सुनाएँ ...

"गुप्त रत्न "तुमने तो मुझे सदा विकल्पों मैं रखा

"गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ : मझधार मेरी ज़िन्दगी है ,अबकी किनारे अच्छे नहीं लगत...

इतनी पिला मुझे की होश कम भी न रहे ,........