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जाने क्यूँ उसको सोचकर #jaanekyunuskosochkar

#वक्त लगता है सुनने और सुनाने waqt lagta hai inhe sunne aur sunaane

#पिता_जीवन का आधार

#कोरोना सा है ,मौत ही इसका अंजाम होता है भाई

गुप्तरत्न : जानवर सा इंसान रखती हूँ

guptratn shayri गुप्तरत्न भावनाओं के समन्दर में

आपके लिए"

#गुप्तरत्न :तुझ पर असर करे मेरी तड़प में वो आह नहीं ,

इतना रुसवा हुयें उसकी महफ़िल में ,कि डरने लगे अब ,

गुप्तरत्न : क्यूं न गुरूर तेरा जल सका ,॥मेरी चाहतों में क्य...

#गुप्तरत्न : अज़ब किरदार था उसका भी किताब मैं ,आखिरी पन्ने तक उस...

# बिजली भी छोड दे, बादल के सीने में,निशां...

गुप्तरत्न : इसके लिए ग्रहण की इतनी खींचातानी देखी है ।हिंदी कवितायेँ,

पर सागर की फ़ितरत कही टिकता नही था।।

अपना आज दे दो