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"गुप्तरत्न" "भावनायों के समन्दर मैं " लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

देखे कब तलक रखते हो खुद पर इख़्तियार गुप्तरत्न

आपके लिए गुप्तरत्न : बहुत डूबी हूँ बहुत डूबीं हूँ , तुममे लफ्जों मैं इत...

आपके लिए गुप्त रत्न" भावनाओं के समंदर मैं "

"गुप्तरत्न " : तेरा दिल दुखाना यूँ ,कभी मेरा इरादा न रहा,पर रखूं...

"गुप्तरत्न " : मेरा कोई दोष मुझे तुम बता दो,फिर चाहे जो भी हो तुम...

"गुप्तरत्न " नहीं मिटेगी मृगतृष्णा,कस्तूरी मन के अन्दर है,सागर ...