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# बिजली भी छोड दे, बादल के सीने में,निशां...

#गुप्तरत्न : वाकिफ हम है इस कहानी के अंजाम से ,पर करें भी क्या?...

गुप्तरत्न नहीं मिटेगी मृगतृष्णा कस्तूरी मन के अन्दर है .........तुफानो से घिरा समन्दर है

डर लगता है