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# : गुप्त रत्न "भावनायों के समन्दर मैं"खाक नही होना ,...

गुप्तरत्न : #गुप्तरत्न,:अच्छे-अच्छे सिकंदर यहाँ वक़्त की लिए म...

#इस दिल-ए-बस्ती में ,मेरे और भी कर्ज़दार बैठे है , Guptratnअच्छे-अच्छे #सिकंदर यहाँ वक़्त की लिए मार बैठे है॥

गुप्तरत्न : क्यूं न गुरूर तेरा जल सका ,॥मेरी चाहतों में क्य...