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गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ", : अनुशासन और इमानदारी मेरा स्वाभाव है,नही कृत्रिम ...

"गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ",: गुप्त रत्न "ख़ामोशी की गहराई मैं"अर्जुन की तरह सो...

"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न "ख़ामोशी की गहराई मैं"अर्जुन की तरह सो...

"गुप्त रत्न " बेसब्र होकर तड़पा रही .

"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बेसब्र होकर...

"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न,खोमोशी की गहराई मैं अच्छा लगने लगा है...

"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न,खोमोशी की गहराई मैं अच्छा लगने लगा है...

"गुप्त रत्न ": रोक नदियों को सकते हो,/समन्दर को किसने बाँधा है ,...

"गुप्त रत्न ": क्या करे की अब कुछ समझ आता नहीं ,छाया है कोहरा घन...

"गुप्त रत्न ": थोडा तो रंग आँखों मैं भरने दो,दिल जो चाहता,वो तो ...

"गुप्त रत्न ": खोमोशी की गहराई मैं........आजकल मैं तनहा नही ,ह...