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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न,खोमोशी की गहराई मैं अच्छा लगने लगा है...

"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न,खोमोशी की गहराई मैं अच्छा लगने लगा है...

"गुप्त रत्न ": रोक नदियों को सकते हो,/समन्दर को किसने बाँधा है ,...

"गुप्त रत्न ": क्या करे की अब कुछ समझ आता नहीं ,छाया है कोहरा घन...

"गुप्त रत्न ": थोडा तो रंग आँखों मैं भरने दो,दिल जो चाहता,वो तो ...

"गुप्त रत्न ": खोमोशी की गहराई मैं........आजकल मैं तनहा नही ,ह...

"गुप्त रत्न ": ख़ामोशी के गहराई मैं  .....गुप्त रत्न नही रहे काब...

"गुप्त रत्न ": -------------------------------------सफ़र कैसा था,...

"गुप्त रत्न ": सता ले,चाहे जितने लें इम्तिहान,अब आप भी ले इक बात ...

"गुप्त रत्न ": चमक के लिए जरुरी है.....................=========...