संदेश

"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": मुकर्रर दिन बता दो, फासले और ये गिले मिटाने //न छ...

"गुप्त रत्न" ख़ामोशी की गहराई मैं शिकायतें, तेरी बहुत कडवी है "रत्न"मैंने नही कहा,...

"गुप्त रत्न"न संभलेगा दिल तेरे सामने बैठकर ,"रत्न"...

"गुप्तरत्न " नहीं मिटेगी मृगतृष्णा,कस्तूरी मन के अन्दर है,सागर ...

"गुप्त रत्न" हिन्दू,मुस्लिम,सिख इसाई सब इसकी शान है,

#गुप्त रत्न " क्या लिखना है "

"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : कुछ मज़ा ही नही,अब जिंदगी जीने मैं,धड़कने भी मना करन...