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गुप्तरत्न : बहुत डूबी हूँ बहुत डूबीं हूँ , तुममे लफ्जों मैं इत...

आपके लिए गुप्तरत्न : बहुत डूबी हूँ बहुत डूबीं हूँ , तुममे लफ्जों मैं इत...

गुप्तरत्न : सोच  लो  एक बार पहले किसी को  गिराने से,उसी ज़मीं ...

गुप्तरत्न : दिल मेरा मजबूरी से नहीं मुहब्बत से दबा है ,पर इसे...

गलतफहमियों के अँधेरे बड़े निराले है ,कितने ही उजले...

गुप्तरत्न : गलतफहमियों के अँधेरे बड़े निराले है ,कितने ही उजले...

कभी शर्ते तो कभी उलझन guptratn

आपके लिए आते है अल्फ़ाज़ तुमको देखकर "रत्न"

गुप्तरत्न : असर तो दोनों तरफ हुआ है ,आग गर यहाँ है ,तो वहां भ...

गुप्तरत्न : मौसम बदला,आई भी बहार है ,मन सूना है ,बाहर झंकार ह...

देखो अब तो मौसम भी बदलने लगा है ,कुछ त...