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मंजिल अपनी हिन्दुस्तान

आपके लिए ": "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बेसब्र होकर...

"गुप्त रत्न ": मेरा सब्र  जवाब अब दे रहां है ,गुज़ारिश है यू...

"गुप्त रत्न ": "गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "जो बीती त...

बेमकसद सफ़र की न थकान दे //

"गुप्त रत्न ": अपने ही ख्वाबों को टूटता देखा ,वक़्त को हाथों से ...