संदेश

"गुप्त रत्न ": मेरा सब्र  जवाब अब दे रहां है ,गुज़ारिश है यू...

"गुप्त रत्न ": "गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "जो बीती त...

बेमकसद सफ़र की न थकान दे //

"गुप्त रत्न ": अपने ही ख्वाबों को टूटता देखा ,वक़्त को हाथों से ...

"गुप्त रत्न ": तेरी बरूखी ने एहसान कर दिया,मेरा वक़्त  मेरे ही ना...