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"गुप्तरत्न " : गुजरे लम्हें याद आते तो होंगे,अब भी वो तेरी आँखों...

"गुप्तरत्न " : दूर कही चलो तन्हा ,तन्हा रातों मैं,लेकर साथ मुझे ...

"गुप्तरत्न " : मेरा कोई दोष मुझे तुम बता दो,फिर चाहे जो भी हो तुम...

"गुप्तरत्न " : बहुत हुआ,गुज़रे वक़्त से अब है निकलना ,कैद ख्यालों क...

"गुप्तरत्न " : दिल मेरा लग नही रहा किसी के पास कहीं ,देखो छूटा तो...

"गुप्तरत्न " : आजकल ख्यालों मैं कुछ आ नही रहा हैlक्यूँ?  क्यूंकि...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": तेरी तस्वीर देखते ही ,रुकते नही आँखों से अब भी आं...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": इक इशारा कर दे बाहों में बिखर जाएंगे lइससे ज्यादा...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": तू ही बता खुद को समझाएं कैसे lये तड़प दिल की,तुम...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": चाहते थे बेचैनिया मिटाना हम, आपके  पास आकर lपर ये...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": कैसे छुपाऊं ये  झूठ कहा नही जाता lकह दूँ ज़माने स...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": सभी शिक्षकों को समर्पित  एक शिक्षिका की नज़र से ...

"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": हृदय बना सारंगी जैसा,धड़कन जैसे हो इसके तार lदेखें...

"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": "गुप्तरत्न" भावनायों के समन्दर मैं बिन गुनाहों के ...