यह ब्लॉग खोजें
गुप्तरत्न "भावनाओं के समन्दर मैं" मेरे सजदों की बस इतनी हिफाज़त कर लेना ए मालिक, की तेरे दर से उठे न,और कही सर रत्न का झुके न ए मालिक । © hindi_poetry,poem based on feelings and emotion. हिंदी कविताओं का एक पेज,जिसमे भावनाओं में डूबे अल्फाज़ मिलेंगे ,कुछ दर्द तो कुछ मुहब्बत के पास मिलेंगे .© all the writing work is my own ©
संदेश
2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
#गुप्तरत्न : अज़ब किरदार था उसका भी किताब मैं ,आखिरी पन्ने तक उस...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
# अज़ब किरदार था उसका भी किताब मैं ,आखिरी पन्ने तक उस...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : हर बच्चे की कहानी गुप्त रत्न की ज़ुबानी
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : #गुप्तरत्न :भावनायों के समन्दर में
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न :भावनायों के समन्दर में चुनिदा लफ्ज़
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : "गुप्तरत्न ""भावनाओं के समंदर मैं "कैसे आस लगाएं...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
कैसे आस लगाएं उत्तरदायित्व की, हम बच्चे से ,
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
# बिजली भी छोड दे, बादल के सीने में,निशां...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : वाकिफ हम है इस कहानी के अंजाम से ,पर करें भी क्या?...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न नहीं मिटेगी मृगतृष्णा कस्तूरी मन के अन्दर है .........तुफानो से घिरा समन्दर है
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
शिक्षा में सादगी और विश्वास -गुप्तरत्न
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
आपके लिए गुप्तरत्न : इक बार खोना है यूँ, तुममे की खुद को भी...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : इसके लिए ग्रहण की इतनी खींचातानी देखी है ।हिंदी कवितायेँ,
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : मुझे दोस्ती से डर लगता है,मुझे मुहब्बत से डर लगता ...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
देखे कब तलक रखते हो खुद पर इख़्तियार गुप्तरत्न
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : इक बार खोना है यूँ, तुममे की खुद को भी खुद पा न सक...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : इक बार खोना है यूँ, तुममे की खुद को भी खुद पा न सक...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#guptratn ..........देखा है आईने को मैंने मेरे दोस...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : होश रहता है कहाँ मुझे तेरी आगोश में ।।
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : कहानी का अहम किरदार है ..........
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : गुप्तरत्न आपके लिए भावनायों के समन्दर मैं आपके .....
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : गुप्तरत्न धडकनों की आहटों मैं
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : हलके लफ़्ज़ों से परहेज़ है रत्न.........शख्सियत को भा...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : गुप्तरत्न -रत्न को सताने मैं
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
"गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "हलके लफ़्ज़ों ...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "हलके लफ़्ज़ों ...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
"गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं " आईने से गुफ्तगू जारी रख
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : की मेरी दिल-ए-ज़मीं को गलत इन्साफ करते नहीं आता ll
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
जाने जहाँ कोई हमें,साथ तेरे ऐसी ही जगह जाना हैll...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न" हिन्दू,मुस्लिम,सिख इसाई सब इसकी शान ह...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : भावनायों के समन्दर मैं आपके लिए गुप्तरत्न
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "नज़रों का ध...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : तुम्हारे गुरुर के आगे तो हार गए हम, तुम्हें तो सली...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
न जाने जहाँ कोई हमें,साथ तेरे ऐसी ही जगह जाना हैll
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : बहुत डूबी हूँ बहुत डूबीं हूँ , तुममे लफ्जों मैं इत...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
आपके लिए गुप्तरत्न : बहुत डूबी हूँ बहुत डूबीं हूँ , तुममे लफ्जों मैं इत...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : सोच लो एक बार पहले किसी को गिराने से,उसी ज़मीं ...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : दिल मेरा मजबूरी से नहीं मुहब्बत से दबा है ,पर इसे...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गलतफहमियों के अँधेरे बड़े निराले है ,कितने ही उजले...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : गलतफहमियों के अँधेरे बड़े निराले है ,कितने ही उजले...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
आपके लिए आते है अल्फ़ाज़ तुमको देखकर "रत्न"
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : असर तो दोनों तरफ हुआ है ,आग गर यहाँ है ,तो वहां भ...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : मौसम बदला,आई भी बहार है ,मन सूना है ,बाहर झंकार ह...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
देखो अब तो मौसम भी बदलने लगा है ,कुछ त...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : देखो अब तो मौसम भी बदलने लगा है ,कुछ तुम्हारा ,कु...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "चाहती हूँ क...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गुप्तरत्न : तुम्हारा इन्कार हमको इन्कार, नहीं लगता ,नहीं है ...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप













