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गुप्तरत्न "भावनाओं के समन्दर मैं" मेरे सजदों की बस इतनी हिफाज़त कर लेना ए मालिक, की तेरे दर से उठे न,और कही सर रत्न का झुके न ए मालिक । © hindi_poetry,poem based on feelings and emotion. हिंदी कविताओं का एक पेज,जिसमे भावनाओं में डूबे अल्फाज़ मिलेंगे ,कुछ दर्द तो कुछ मुहब्बत के पास मिलेंगे .© all the writing work is my own ©
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जुलाई, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
लिखी हुयी इबारत हूँ ,चंद पढ़ डालिए जनाब //
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बारे मैं इतने भी वहम न पालिए जनाब,लिखी हुयी...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : वाह क्या चीज़ है ..........कौन कहता है, शराब बुर...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : बता भी दो क्यों रहते हो मुझसे नाराज़,याद दिलाती हू...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : यकीं है ,तुमको आना है एक दिन ,आस लेकिन दिल को काफ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : ले नहीं देते तुम पर हम इल्जाम ,मुहब्बत का गुनाह,भ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : बेचैनिया ये हद से गुजरने लगी अब,बताती हूँ मैं क्य...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : कहा था मैंने,शब्दों मैं अपने रह जाऊंगा।पढोगे जब ज...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : खो गए सारे रास्ते,तुम तक आने के लिए,बचा भी नहीं क...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : तो मेरा नाम नहीअसर हो रहा, थोडा-थोडा दिल पर अभी...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बिना किसी श...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : आप ही बता दो ,गर है कोई और तरीका इज़हार-ए -हाल का...
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"गुप्त रत्न" "हिंदी कवितायेँ", : नहीं मिटेगी मृगतृष्णा,कस्तूरी मन के अन्दर है,सागर ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : कौन चाहता है किसी से सज़दा कराना ,नहीं चाहते हम ,...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : कभी मनायी ,ईद मैंने और तूने साथ दिवाली है ,बांटी ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बैचैनी दिखने...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : ज़रूरी है खुद पर गुरूर होनाइतना भी क्या किसी नशे...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न " ख़ामोशी की गहराई मैं,बारिशों मैं हम...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "मंज़ूर कर भ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "मेरा लिहाज़...
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गुप्त रत्न -हिंदी कवितायेँ, : नारी तेरी अजाब है गाथा,पल-पल तेरी राहों मैं बाधा /...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न "भावनायों के समन्दर मैं"खाक नही होना ,...
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गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ", : अनुशासन और इमानदारी मेरा स्वाभाव है,नही कृत्रिम ...
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"गुप्त रत्न "हिंदी कवितायेँ",: गुप्त रत्न "ख़ामोशी की गहराई मैं"अर्जुन की तरह सो...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बेसब्र होकर...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : गुप्त रत्न,खोमोशी की गहराई मैं अच्छा लगने लगा है...
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"गुप्त रत्न ": रोक नदियों को सकते हो,/समन्दर को किसने बाँधा है ,...
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"गुप्त रत्न ": क्या करे की अब कुछ समझ आता नहीं ,छाया है कोहरा घन...
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"गुप्त रत्न ": थोडा तो रंग आँखों मैं भरने दो,दिल जो चाहता,वो तो ...
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"गुप्त रत्न ": खोमोशी की गहराई मैं........आजकल मैं तनहा नही ,ह...
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"गुप्त रत्न ": ख़ामोशी के गहराई मैं .....गुप्त रत्न नही रहे काब...
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"गुप्त रत्न ": -------------------------------------सफ़र कैसा था,...
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"गुप्त रत्न ": सता ले,चाहे जितने लें इम्तिहान,अब आप भी ले इक बात ...
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"गुप्त रत्न ": चमक के लिए जरुरी है.....................=========...
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