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गुप्तरत्न "भावनाओं के समन्दर मैं" मेरे सजदों की बस इतनी हिफाज़त कर लेना ए मालिक, की तेरे दर से उठे न,और कही सर रत्न का झुके न ए मालिक । © hindi_poetry,poem based on feelings and emotion. हिंदी कविताओं का एक पेज,जिसमे भावनाओं में डूबे अल्फाज़ मिलेंगे ,कुछ दर्द तो कुछ मुहब्बत के पास मिलेंगे .© all the writing work is my own ©
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गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "क्या बताएं ...
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गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "क्या बताएं ...
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गुप्तरत्न :वो तेरा ख्याल की जी न सकेगी बिन तेरे "रत्न "
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गुप्तरत्न : guptratn -मुहब्बत का किस्सा है दूर तलक जाएगा। .......
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गुप्तरत्न : बिखरी ज़ुल्फे,गोरे गाल, और वो उसकी आँखे,उफ्फ कयामत...
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गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "गुप्तरत्न "भ...
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#गुप्तरत्न : मेरा दिल दुखा तो है तुम्हारी बातों से ,अश्क भी बह...
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गुप्तरत्न : खंडहर देखकर यूं ...........................
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गुप्तरत्न : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "ठंडी हवाएं ...
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गुप्तरत्न ज़नाब याद रखो, उन किस्सों मैं आप ही जगह ख़ास रखते है ll,
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"गुप्तरत्न " : दिल मैं अपने मुहब्बत और एहसास रखते है ,दिलो मैं आग...
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"गुप्तरत्न " : वाकिफ हम है इस कहानी के अंजाम से ,पर करें भी क्या?...
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"गुप्तरत्न " : poems available in audio .............�� click on ...
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"गुप्तरत्न " : तुम फिर आयें, मेरी जिंदगी मैं यूँ,जैसे दबी ह...
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"गुप्तरत्न " : लिखूं क्यां ये समझ नहीं आ रहा ,दिल मैं जो है, वो ...
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"गुप्तरत्न " : गुप्त रत्न मेरी तो जुबां काली है , हर बात सदाकत ...
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"गुप्तरत्न " : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "अब अल्फ़ाज़ न...
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"गुप्तरत्न " : आप चाहो तो जीत सकते है हम, भी ये बाज़ी आपको दिल ह...
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आपके लिए गुप्त रत्न" भावनाओं के समंदर मैं "
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"गुप्तरत्न " : हुआ शामिल क्या मेरी जिंदगी मैं, तू थे जो शामिल जिं...
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"गुप्तरत्न " : तेरे हाथों से मेरा हाथ ये छूट रहा है ,साथ है पुरा...
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"गुप्तरत्न " : सब्र मेरा टूट रहा है,इतना भी न तरसाइए जनाब,llमर न...
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"गुप्तरत्न " : अल्फ़ाज़ खत्म हुए अब कुछ बताने को यूँ भी बचा नही,अब ...
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"गुप्तरत्न " : for audio click on below linkhttps://m.starmakers...
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"गुप्तरत्न " : दुनिया तेज़ चली या मुझमे ही कम रफ़्तार थी,मैं रह गई,...
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"गुप्तरत्न " : इज़हार -ए- मुहब्बत अब तू सिखा दे,कैसे कहूँ,कोई भाष...
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"गुप्तरत्न " : अब जीत हार की मुझे कोई परवाह ही नहीं,क्यूंकिअब ते...
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"गुप्तरत्न " : अब जीत हार की मुझे कोई परवाह ही नहीं,क्यूंकिअब ते...
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"गुप्तरत्न " : मानते है सच बहुत कड़वा होता है यहाँ .तभी तो आदमी स...
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"गुप्तरत्न " : poem available in audio .............�� click on b...
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"गुप्तरत्न " : तेरा दिल दुखाना यूँ ,कभी मेरा इरादा न रहा,पर रखूं...
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"गुप्तरत्न " : गुजरे लम्हें याद आते तो होंगे,अब भी वो तेरी आँखों...
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"गुप्तरत्न " : दूर कही चलो तन्हा ,तन्हा रातों मैं,लेकर साथ मुझे ...
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"गुप्तरत्न " : मेरा कोई दोष मुझे तुम बता दो,फिर चाहे जो भी हो तुम...
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"गुप्तरत्न " : बहुत हुआ,गुज़रे वक़्त से अब है निकलना ,कैद ख्यालों क...
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"गुप्तरत्न " : दिल मेरा लग नही रहा किसी के पास कहीं ,देखो छूटा तो...
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"गुप्तरत्न " : आजकल ख्यालों मैं कुछ आ नही रहा हैlक्यूँ? क्यूंकि...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": तेरी तस्वीर देखते ही ,रुकते नही आँखों से अब भी आं...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": इक इशारा कर दे बाहों में बिखर जाएंगे lइससे ज्यादा...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": तू ही बता खुद को समझाएं कैसे lये तड़प दिल की,तुम...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": चाहते थे बेचैनिया मिटाना हम, आपके पास आकर lपर ये...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": कैसे छुपाऊं ये झूठ कहा नही जाता lकह दूँ ज़माने स...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": सभी शिक्षकों को समर्पित एक शिक्षिका की नज़र से ...
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"गुप्तरत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": हृदय बना सारंगी जैसा,धड़कन जैसे हो इसके तार lदेखें...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": "गुप्तरत्न" भावनायों के समन्दर मैं बिन गुनाहों के ...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": देखते है कब तलक बचते है हुज़ूर,राहे-ए -सुखन और नि...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": जगमगा रही है,अंधेरो को ,उस रौशनी को रहने दे/जिद ...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": पतवार हाथ मैं रखकर भी बेठिकाना ही रहना है सफीने मै...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": मशगला सा ,न तआरूफ कराना यारों मैं "रत्न"के नाम का,..
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": तेरे ख्याल तो नशा है, मय के लिए भी मयखाना हो गए //...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": पतवार हाथ मैं रखकर भी बेठिकाना ही रहना है सफीने मै...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं": मुकर्रर दिन बता दो, फासले और ये गिले मिटाने //न छ...
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"गुप्त रत्न" ख़ामोशी की गहराई मैं शिकायतें, तेरी बहुत कडवी है "रत्न"मैंने नही कहा,...
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"गुप्त रत्न"न संभलेगा दिल तेरे सामने बैठकर ,"रत्न"...
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"गुप्तरत्न " नहीं मिटेगी मृगतृष्णा,कस्तूरी मन के अन्दर है,सागर ...
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"गुप्त रत्न" हिन्दू,मुस्लिम,सिख इसाई सब इसकी शान है,
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : कुछ मज़ा ही नही,अब जिंदगी जीने मैं,धड़कने भी मना करन...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : तुम तो सारथि हो मेरे ,तुम बिन राह कौन दिखाएगा,नाह...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : आजकल लिखती हूँ ,आपकी सूरत सामने रखकर ,सब भूल रही ...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : मिला क्या वो की मेरी .जिंदगी और कशमकश मैं फंस गई,...
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गुप्त रत्न -हिंदी कवितायेँ, : कागज़ पर स्याही विखेरना क्या होता है,बताती हूँ की ...
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"गुप्त रत्न " गुप्त रत्न -हिंदी कवितायेँ, : कागज़ पर स्याही विखेरना क्या होता है,बताती हूँ की...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : पलकों मैं बैठा लिया आपको दिल से मजबूर होकर ,बेईज्ज...
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"गुप्त रत्न " "तेरे सीने से लिपटने का मन है करता, बोलूं कैसे?
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"गुप्त रत्न" दफ़न हो गई मेरी ख्वाहिशे जाने कितने ही रिवाजों मैं...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "अजीब सी कशमक...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : शराब जैसे लगने लगे हो मुझको,कडवे हो,मेरे जैसे लगन...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न " "बदले है ढंग आजकल ""गुप्त रत्न "" भ...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : तुम ढाल हो मेरी बिन तेरे ये जीवन युद्ध न लड़ पाऊँगी...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न ""ख़ामोशी की गहराई मैं"सामने बैठकर दि...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : सिमट जाऊं ,तेरी बाहों मैं,इस इम्तिहा तक तरसाना चा...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं " लहरों के श...
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#गुप्तरत्न लहरों के शोर से समन्दर की गहराई का अंदाजा नही होता,
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गुप्त रत्न "ख़ामोशी की गहराई में", : खुदा तुझे माफ़ न करेगा,तेरे इस गुनाह की खातिर ,क़ुरा...
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लिखी हुयी इबारत हूँ ,चंद पढ़ डालिए जनाब //
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बारे मैं इतने भी वहम न पालिए जनाब,लिखी हुयी...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : वाह क्या चीज़ है ..........कौन कहता है, शराब बुर...
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"गुप्त रत्न " भावनाओं के समन्दर मैं : बता भी दो क्यों रहते हो मुझसे नाराज़,याद दिलाती हू...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : यकीं है ,तुमको आना है एक दिन ,आस लेकिन दिल को काफ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : ले नहीं देते तुम पर हम इल्जाम ,मुहब्बत का गुनाह,भ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : बेचैनिया ये हद से गुजरने लगी अब,बताती हूँ मैं क्य...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : कहा था मैंने,शब्दों मैं अपने रह जाऊंगा।पढोगे जब ज...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : खो गए सारे रास्ते,तुम तक आने के लिए,बचा भी नहीं क...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : तो मेरा नाम नहीअसर हो रहा, थोडा-थोडा दिल पर अभी...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बिना किसी श...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : आप ही बता दो ,गर है कोई और तरीका इज़हार-ए -हाल का...
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"गुप्त रत्न" "हिंदी कवितायेँ", : नहीं मिटेगी मृगतृष्णा,कस्तूरी मन के अन्दर है,सागर ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : कौन चाहता है किसी से सज़दा कराना ,नहीं चाहते हम ,...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : कभी मनायी ,ईद मैंने और तूने साथ दिवाली है ,बांटी ...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : "गुप्त रत्न "" भावनाओं के समंदर मैं "बैचैनी दिखने...
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"गुप्त रत्न " भावनायों के समन्दर मैं : ज़रूरी है खुद पर गुरूर होनाइतना भी क्या किसी नशे...
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